रामपुर। ने जनपद में चल रही समायोजन प्रक्रिया को लेकर जिला प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. राजवीर सिंह के नेतृत्व में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाध्यापकों (प्र०अ०) के समायोजन पर पुनर्विचार की मांग की गई।
संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में जनपद के कई प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को सरप्लस सूची में शामिल किया गया है, जबकि संबंधित विद्यालयों में आरटीई मानकों के अनुसार सहायक अध्यापकों की आवश्यकता बनी हुई है।
जिला अध्यक्ष डॉ. राजवीर सिंह ने कहा कि वर्ष 2015 में जनपद रामपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान एवं गणित विषय के शिक्षकों की सीधी भर्ती की गई थी। इसके चलते वर्तमान में कई प्राथमिक विद्यालयों में छात्र संख्या 100 से अधिक होने के बावजूद प्रधानाध्यापक कार्यरत हैं, जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षक पहले से नियुक्त हैं।
उन्होंने कहा कि यदि अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों से प्रधानाध्यापकों का समायोजन किया जाता है तो विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता एवं प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। संघ ने मांग की है कि जिन प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में छात्र संख्या 100 से अधिक है, वहां कार्यरत प्रधानाध्यापकों को समायोजन प्रक्रिया से बाहर रखा जाए।
शिक्षक संघ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मामले में गंभीरता से विचार कर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। ज्ञापन में संघ के विभिन्न ब्लॉकों के पदाधिकारियों एवं जिला कार्यकारिणी के सदस्यों ने भी समर्थन जताया।
